वेब पोर्टल Journo Mirror के आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट को भारत में प्रतिबंधित कर दिया गया है। न्यूज़ आउटलेट के मुताबिक, अकाउंट पर दिखाई देने वाले संदेश में सूचना प्रौद्योगिकी नियमों के तहत कानूनी आवश्यकताओं का हवाला देते हुए इसकी पहुंच अस्थायी रूप से प्रतिबंधित किए जाने की जानकारी दी गई है।
Journo Mirror की एडिटोरियल टीम ने इस कार्रवाई को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और स्वतंत्र पत्रकारिता पर हमला बताया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब न्यूज़ पोर्टल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शनों और उनसे जुड़े घटनाक्रमों की लगातार रिपोर्टिंग कर रहा था।
Journo Mirror के मुताबिक, प्रतिबंध से पहले उसके इंस्टाग्राम अकाउंट पर लाखों फॉलोअर्स थे और पिछले 30 दिनों में इस पर 3.78 करोड़ व्यूज़ दर्ज किए गए थे। एडिटोरियल टीम का कहना है कि अकाउंट पर प्रतिबंध से उसकी खबरों की पहुंच प्रभावित हुई है और लोगों तक समाचार एवं सूचनाएं पहुंचाने की प्रक्रिया सीमित हुई है।
अपने आधिकारिक बयान में न्यूज़ आउटलेट ने कहा कि किसी समाचार मंच की पहुंच पर प्रतिबंध लगना केवल एक डिजिटल अकाउंट तक सीमित मामला नहीं है, बल्कि इससे लाखों पाठकों और दर्शकों तक समाचार पहुंचाने की क्षमता प्रभावित होती है।
Journo Mirror ने कहा कि वह हाशिये पर खड़े समुदायों, वंचित तबकों, मानवाधिकारों और जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाता रहा है। बयान में कहा गया कि पत्रकारिता का दायित्व सत्ता और संस्थानों से सवाल पूछना, जनता तक तथ्य पहुंचाना और उन आवाज़ों को मंच देना है, जिन्हें अक्सर मुख्यधारा के मीडिया में पर्याप्त जगह नहीं मिलती।
न्यूज़ पोर्टल की एडिटोरियल टीम ने स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि इंस्टाग्राम अकाउंट पर प्रतिबंध के बावजूद वह अपनी पत्रकारिता जारी रखने और पाठकों-दर्शकों तक खबरें पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
Journo Mirror की एडिटोरियल टीम ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन और प्रेस की आज़ादी पर हमला बताया है।












