दिल्ली पुलिस ने शनिवार, 10 अक्टूबर को कार्यकर्ता शरजील इमाम (Sharjeel Imam) की अंतरिम जमानत रद्द करने की मांग करते हुए अदालत में अर्जी दाखिल की। पुलिस का आरोप है कि इमाम ने पत्रकारों से बातचीत करके जमानत की शर्तों का उल्लंघन किया। लाइव लॉ के मुताबिक, पुलिस ने इस संबंध में सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो का हवाला दिया है, जिसमें कथित तौर पर इमाम को पत्रकारों से बातचीत करते हुए देखा जा सकता है।
शरजील इमाम (Sharjeel Imam) को कड़कड़डूमा कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश समीर बाजपेयी ने 22 सितंबर को अपने चचेरे भाई की शादी में शामिल होने के लिए 4 अक्टूबर से 10 अक्टूबर तक सात दिन की अंतरिम जमानत दी थी। जमानत की अवधि समाप्त होने के बाद उन्हें शनिवार को तिहाड़ जेल लौटना है।
लाइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने अपनी अर्जी में इमाम के कथित आचरण को ‘जानबूझकर किया गया कृत्य’ बताया है। पुलिस का कहना है कि इमाम ने अदालत की उस शर्त का उल्लंघन किया, जिसके तहत उन्हें जमानत की अवधि के दौरान किसी भी मीडियाकर्मी के संपर्क में नहीं आना था।
अर्जी में पुलिस ने आरोप लगाया कि इमाम ने अदालत से मिली राहत का दुरुपयोग किया और जमानत की शर्तों का पालन नहीं किया।
शरजील इमाम को 2019-20 में नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के खिलाफ हुए प्रदर्शनों के बाद गिरफ्तार किया गया था। फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुई सांप्रदायिक हिंसा के पीछे कथित बड़ी साजिश की जांच के सिलसिले में उन पर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत आरोप लगाए गए।












