कोयंबटूर में 11वीं कक्षा के दलित छात्र की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने एक शिक्षक को गिरफ्तार किया है, जबकि दो सहपाठियों को किशोर न्याय बोर्ड के सामने पेश करने के बाद अवलोकन गृह भेज दिया गया। छात्र के परिवार ने आरोप लगाया है कि उसे जाति और खानपान को लेकर लगातार परेशान किया जाता था और शिकायत के बावजूद स्कूल प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की।
मृतक छात्र ए. अकिलन कोयंबटूर के पीलामेडु इलाके में स्थित सरकारी सहायता प्राप्त केके नायडू हायर सेकेंडरी स्कूल में पढ़ता था। उसकी मां कौशल्या देवी के मुताबिक, कक्षा अध्यापक पी. विजयकुमार ने छात्रवृत्ति के लिए अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के नामांकन से जुड़ी चर्चा के दौरान छात्रों से उनकी जाति और गोमांस खाने के बारे में सवाल किए थे।
परिवार का आरोप है कि इसके बाद दो सहपाठी अकिलन को उसकी जाति और खानपान की आदतों को लेकर बार-बार ताने मारने लगे। उसे कथित तौर पर अलग-थलग भी किया गया। परिवार के अनुसार, अकिलन ने इस बारे में शिक्षक विजयकुमार और स्कूल के प्रधानाध्यापक अरुण कुमार से शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
पीलामेडु पुलिस ने मामले में शिक्षक विजयकुमार, प्रधानाध्यापक अरुण कुमार और दो छात्रों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) तथा अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दोनों छात्रों को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश करने के बाद अवलोकन गृह भेजा गया।
मामले के बाद स्कूल प्रबंधन ने शिक्षक विजयकुमार और प्रधानाध्यापक अरुण कुमार को निलंबित कर दिया। वहीं, छात्र के परिवार और विभिन्न संगठनों के सदस्यों ने जिला कलेक्टरेट के सामने प्रदर्शन कर मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की।
अकिलन ने कोई सुसाइड नोट नहीं छोड़ा था। पुलिस मामले की जांच कर रही है। इस घटना ने स्कूलों में जातिगत भेदभाव और उत्पीड़न की शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई करने तथा विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जरूरत को फिर से सामने ला दिया है।











