उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में एक मुस्लिम ड्राइवर की मौत के मामले में पुलिस ने चार कांवड़ियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि 31 जुलाई को सड़क हादसे के बाद कांवड़ियों ने ड्राइवर अजीम अली के साथ मारपीट की थी। इलाज के दौरान 4 अगस्त को दिल्ली के लोक नायक अस्पताल में अजीम की मौत हो गई।
गढ़मुक्तेश्वर पुलिस ने 13 अगस्त को बझेड़ा खुर्द गांव निवासी लोकेश सिंह, अंकित कुमार, मनीष कुमार और शिवम को गिरफ्तार किया। शुरुआत में आरोपियों के खिलाफ घातक हथियार से दंगा, हत्या के प्रयास और गंभीर चोट पहुंचाने की धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। अजीम की मौत के बाद मामले में BNS की धारा 103(1) यानी हत्या की धारा भी जोड़ दी गई।
घटना 31 जुलाई की है। मोरादाबाद निवासी 27 वर्षीय अजीम अली पिकअप वाहन चला रहे थे। हापुड़ में उनकी गाड़ी कथित तौर पर नियंत्रण खोकर कांवड़ियों से भरे एक ऑटो से टकरा गई। हादसे में ऑटो चालक फरमान को भी गंभीर चोटें आईं। आरोप है कि इसके बाद कांवड़ियों ने अजीम को गाड़ी से बाहर खींचकर उनके साथ मारपीट की और उन्हें गंभीर रूप से घायल अवस्था में छोड़ दिया।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर अजीम को अस्पताल पहुंचाया, जहां से बाद में उन्हें मेरठ और फिर दिल्ली के लोक नायक अस्पताल ले जाया गया। 4 अगस्त को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। अजीम के भाई मकबूल ने बताया कि जब उन्होंने अस्पताल में अपने भाई को देखा तो वह बेहद गंभीर हालत में थे।
अजीम के परिवार की शिकायत पर चार कांवड़ियों और ऑटो चालक फरमान के खिलाफ FIR दर्ज की गई। वहीं, फरमान के पिता ने भी अजीम के खिलाफ हत्या के प्रयास की धारा के तहत काउंटर FIR दर्ज कराई। फरमान के परिवार का कहना है कि हादसे में फरमान खुद गंभीर रूप से घायल हुआ था और उसने अजीम पर हमला नहीं किया।
हापुड़ पुलिस के मुताबिक, फरमान की भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस अस्पताल से उसकी मेडिकल रिपोर्ट हासिल कर रही है और जांच के आधार पर तय करेगी कि उसके खिलाफ कोई सबूत है या नहीं। पुलिस ने कहा है कि अगर उसके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिलता है तो उसे मामले से बाहर कर दिया जाएगा।
पुलिस ने चारों कांवड़ियों को हापुड़ के अथसैनी अंडरपास के पास से गिरफ्तार किया है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।











