असम के नगांव की जहांआरा बेगम और मुमताज बेगम को 2019 में विदेशी घोषित किया गया था। अप्रैल 2026 में गौहाटी हाईकोर्ट ने विदेशी न्यायाधिकरण के पुराने फैसलों को रद्द करते हुए दोनों मामलों पर नए सिरे से विचार करने का आदेश दिया था।
दोनों महिलाएं क्रमशः 29 और 30 मई को न्यायाधिकरण के सामने पेश हुईं। इसके बाद 13 और 14 जून 2026 की दरमियानी रातों में उन्हें हिरासत में लेकर भारत-बांग्लादेश सीमा के पार भेज दिया गया। आरोप है कि नए न्यायाधिकरण आदेशों को हाईकोर्ट में चुनौती देने का प्रभावी अवसर दिए बिना उन्हें देश से बाहर भेजा गया।
नगांव के तत्कालीन जिला आयुक्त देवाशीष शर्मा ने 2 जून को दोनों महिलाओं को 24 घंटे के भीतर भारत छोड़ने का आदेश जारी किया था, जबकि वे पहले से ही राज्य की हिरासत में थीं। देवाशीष शर्मा अब नगांव से भाजपा के उम्मीदवार हैं। जो कि आज चुनाव जीत चुके हैं।
इस मामले में गौहाटी हाईकोर्ट ने विदेश मंत्रालय को बांग्लादेश में दोनों महिलाओं का पता लगाने और उन्हें भारत वापस लाने के लिए कदम उठाने का निर्देश दिया है, ताकि वे कानूनी उपाय अपना सकें। अदालत ने दोनों मामलों में अंतरिम मुआवजा देने का भी आदेश दिया है।
कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने दोनों महिलाओं का पता लगाने, उनकी भारत वापसी सुनिश्चित करने और उनके परिवारों को स्थिति की जानकारी देने का आग्रह किया है।












