रामपुर स्थित मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी (Mohammad Ali Jauhar University) के 38 भवनों को ध्वस्त करने के आदेश पर मुरादाबाद मंडल के कमिश्नर ने रोक लगा दी है। इससे पहले रामपुर विकास प्राधिकरण (RDA) ने 15 जुलाई को विश्वविद्यालय की 40 में से 38 इमारतों को बिना अनुमति निर्मित बताते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन को 15 दिनों के भीतर उन्हें स्वयं ध्वस्त करने का निर्देश दिया था।
मुरादाबाद कमिश्नर के आदेश के बाद फिलहाल जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों पर बुलडोजर कार्रवाई टल गई है। अब मामले की अगली सुनवाई में यह तय होगा कि विकास प्राधिकरण का ध्वस्तीकरण आदेश बरकरार रहेगा या उसमें कोई बदलाव किया जाएगा।
ध्वस्तीकरण के आदेश के बाद कई सामाजिक और राजनीतिक संगठनों ने इस कार्रवाई का विरोध किया था। जमात-ए-इस्लामी हिंद (जेआईएच) के एक प्रतिनिधिमंडल ने जौहर यूनिवर्सिटी का दौरा कर विश्वविद्यालय प्रशासन, शिक्षकों और छात्रों के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया। प्रतिनिधिमंडल ने ध्वस्तीकरण आदेश पर चिंता जताते हुए जिला मजिस्ट्रेट के माध्यम से उत्तर प्रदेश की राज्यपाल को ज्ञापन भी सौंपा। साथ ही मांग की कि विश्वविद्यालय परिसर में किसी भी प्रकार की ध्वस्तीकरण कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाई जाए और वहां अध्ययनरत हजारों छात्रों के शैक्षणिक हितों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।
इसी बीच, रामपुर जेल में बंद समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता मोहम्मद आजम खान (Azam Khan) से मुलाकात के लिए उनकी पत्नी डॉ. तंजीन फातिमा जेल पहुंचीं। उनके साथ बड़े बेटे अदीब आजम और समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष अजय सागर भी मौजूद रहे। करीब एक घंटे तक चली मुलाकात के बाद वे जेल से बाहर निकले।











