राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने बिहार के जमुई जिले में एक युवती और उसके पुरुष साथी के साथ कथित सार्वजनिक छेड़छाड़, मारपीट, जबरन रोकने और उत्पीड़न की घटना का स्वतः संज्ञान लिया है। मीडिया रिपोर्ट्स और प्रसारित वीडियो के अनुसार, कुछ लोगों ने रात में दोनों को घेर लिया और युवती को पकड़कर खींचने तथा उसके साथ अभद्र व्यवहार किया, जबकि उसके साथी के साथ भी मारपीट की गई।

आयोग की अध्यक्ष विजया राहतकर ने बिहार के पुलिस महानिदेशक (DGP) को पत्र लिखकर मामले में तत्काल FIR दर्ज करने, वीडियो फुटेज के आधार पर सभी आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी तथा समयबद्ध एवं निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने को कहा है। आयोग ने पीड़ितों को सुरक्षा, कानूनी सहायता और मनोवैज्ञानिक परामर्श उपलब्ध कराने के साथ ही सोशल मीडिया पर प्रसारित आपत्तिजनक वीडियो को आगे शेयर किए जाने से रोकने के लिए आवश्यक कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
विजया राहतकर ने मामले में 7 दिनों के भीतर विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट (ATR) भी मांगी है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की गरिमा, सुरक्षा और निजता से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार्य नहीं है।












