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पत्रकारों पर हमले का विरोध, जंतर-मंतर घटना और मीडिया की भूमिका पर बोले अजीत अंजुम।

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नई दिल्ली: वरिष्ठ पत्रकार अजीत अंजुम (Ajit Anjum) ने जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान मीडिया कर्मियों के साथ हुई धक्का-मुक्की और बदसलूकी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी भी चैनल के रिपोर्टर के साथ अभद्रता, गाली-गलौज या हमला नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि वह पहले भी कई बार इस तरह की घटनाओं का विरोध कर चुके हैं और सोशल मीडिया पर भी अपील कर चुके हैं कि किसी भी परिस्थिति में पत्रकारों पर हमला नहीं होना चाहिए।

अजीत अंजुम (Ajit Anjum) ने कहा कि रिपोर्टर अक्सर अपने संस्थानों की संपादकीय नीतियों के तहत काम करने को मजबूर होते हैं, लेकिन इसके बावजूद कई पत्रकार जन-सरोकार के मुद्दों पर ईमानदारी से रिपोर्टिंग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मीडिया की सरकार समर्थक छवि के कारण भीड़ का गुस्सा कभी-कभी रिपोर्टरों पर भी निकल जाता है।

उन्होंने बताया कि वह करीब 10 दिनों तक जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन की लगातार कवरेज करते रहे, जहां उन्हें प्रदर्शनकारियों से सम्मान मिला। हालांकि, 25 जुलाई की रात कुछ युवकों ने कैमरा देखकर “गोदी मीडिया” के नारे लगाए, लेकिन वहीं मौजूद अन्य लोगों ने उन्हें समझाया। उन्होंने कहा कि इस घटना का वीडियो वायरल होने से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता और वह आगे भी सत्ता पक्ष, विपक्ष और जन आंदोलनों की रिपोर्टिंग करते रहेंगे।

अजीत अंजुम (Ajit Anjum) ने आरोप लगाया कि केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से पहले कई टीवी चैनलों ने आंदोलन के खिलाफ अभियान चलाकर सरकार का बचाव किया। उन्होंने कहा कि कुछ चैनल अब पूरे आंदोलन को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र और उनके परिजन भी शामिल थे। उन्होंने कहा कि वह आगे भी विरोध की आवाज़ों को सामने लाने का अपना काम जारी रखेंगे।

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