भोपाल। पत्रकार काशिफ काकवी द्वारा साझा की गई जानकारी के मुताबिक, राजधानी में एक ऑटो चालक मोहम्मद सलाहुद्दीन कुरैशी ने कुछ लोगों पर धार्मिक पहचान और हुलिया देखकर उनके साथ मारपीट करने का आरोप लगाया है। चालक का दावा है कि घटना के दौरान उसकी टोपी फेंकी गई, दाढ़ी खींची गई और उससे जबरन धार्मिक नारा लगवाने की कोशिश की गई।
रास्ते को लेकर शुरू हुआ विवाद
सलाहुद्दीन के मुताबिक, वह शनिवार को रोज की तरह ऑटो चला रहे थे और बैरागढ़ से लौट रहे थे। रास्ते में झांकी का आयोजन होने के कारण सड़क बंद थी। उन्होंने ऑटो पीछे लेने की कोशिश की, इसी दौरान उनके ऑटो के पीछे एक बाइक आकर खड़ी हो गई।
चालक का कहना है कि उसने बाइक सवार से वाहन पीछे लेने का अनुरोध किया, लेकिन इसी बात को लेकर विवाद शुरू हो गया। आरोप है कि इसके बाद बाइक सवार ने उनकी धार्मिक पहचान को लेकर कथित तौर पर अभद्रता की और देखते ही देखते मौके पर कई लोग जमा हो गए।
टोपी और दाढ़ी देखकर मारपीट का आरोप
सलाहुद्दीन ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि उनकी धार्मिक पहचान, टोपी और दाढ़ी को देखकर उनके साथ गाली-गलौज की गई और मारपीट की गई। उनका दावा है कि उनकी टोपी फेंक दी गई और दाढ़ी खींची गई। उन्होंने आरोप लगाया कि बाद में कुछ और लोग भी वहां पहुंचे और उनके साथ दोबारा मारपीट की।
चालक के मुताबिक, कुछ लोगों ने बीच-बचाव करने की कोशिश भी की, लेकिन विवाद पूरी तरह खत्म नहीं हुआ।
जबरन धार्मिक नारा लगवाने का दावा
सलाहुद्दीन का आरोप है कि मारपीट के दौरान उनसे जबरन धार्मिक नारा लगाने के लिए कहा गया। उन्होंने दावा किया कि आरोपियों ने उनसे कथित तौर पर कहा, “बुला अपने अल्लाह को।” शिकायत के मुताबिक, इस दौरान उनसे धार्मिक नारे भी लगवाए गए और उनकी दाढ़ी पकड़कर कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया गया।
मोबाइल और ऑटो को नुकसान पहुंचाने का आरोप
ऑटो चालक का आरोप है कि उन्होंने पुलिस की 112 सेवा से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनका मोबाइल फोन छीनकर क्षतिग्रस्त कर दिया गया। उनके ऑटो को भी नुकसान पहुंचाने का दावा किया गया है।
सलाहुद्दीन के मुताबिक, उनकी जेब में दिनभर की कमाई के करीब 800 से 1,000 रुपये थे, जो घटना के बाद नहीं मिले। उन्होंने इस संबंध में भी शिकायत में जानकारी दी है।
पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल
सलाहुद्दीन ने पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि पुलिस के मौके पर पहुंचने के बाद उन्हें थाने ले जाया गया, जहां एक SI ने उनकी पूरी बात नहीं सुनी और अपनी ओर से रिपोर्ट तैयार कर उनसे हस्ताक्षर कराए।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मारपीट करने वाले लोगों की ओर से उन्हें किसी झूठे मामले में फंसाने की कोशिश की गई। चालक ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए CCTV फुटेज, मौके पर बनाए गए वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान की जांच करने की मांग की है।
सलाहुद्दीन का कहना है कि 112 पुलिस सेवा के मौके पर पहुंचने के बाद भी कुछ समय तक विवाद की स्थिति बनी रही। फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और पुलिस की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।












