बिहार के गोपालगंज में सोमवार सुबह मस्जिद के अंदर इमाम की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई। घटना उचकागांव थाना क्षेत्र के अरना बाजार स्थित मस्जिद की है। इमाम की पीठ पर चाकू से कई वार किए गए थे।
सुबह फजर की अजान नहीं होने पर कुछ ग्रामीण मस्जिद पहुंचे। वहां इमाम मोहम्मद शफीक का खून से लथपथ शव पड़ा मिला। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
मोहम्मद शफीक भोरे के सिसई पठान टोला निवासी शेख हवलदार के बेटे थे और अरना बाजार की मस्जिद में पेशइमाम के तौर पर काम करते थे। ग्रामीणों के मुताबिक, उनका स्वभाव शांत था और किसी से कोई विवाद नहीं था। वह मस्जिद में रहकर बच्चों को पढ़ाते भी थे।
मोबाइल चोरी को लेकर हुई थी पंचायत
इमाम के भांजे साहिल शेख के मुताबिक, कुछ दिन पहले उनका मोबाइल चोरी हो गया था। इस मामले को लेकर रविवार को गांव में पंचायत भी हुई थी। पुलिस ने एक युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। हालांकि, इमाम की हत्या की असली वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है।
शव उठाने का ग्रामीणों ने किया विरोध
हत्या की खबर फैलते ही स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों ने पुलिस को शव उठाने से रोक दिया और मौके पर एसपी को बुलाने की मांग की। उनका कहना है कि हत्यारों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
मौके पर कई थानों की पुलिस के साथ हथुआ एसडीपीओ भी पहुंचे और जांच शुरू की। गोपालगंज एसपी विनय तिवारी के अनुसार, मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। एफएसएल टीम को भी मौके पर भेजा जा रहा है और वैज्ञानिक तरीके से सबूत जुटाए जा रहे हैं। पुलिस परिजनों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।












