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आठ साल बाद AMU में छात्र संघ की वापसी, नोमान अशरफ अध्यक्ष और नशरा नईम पहली महिला उपाध्यक्ष बनीं

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अलीगढ़: अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) छात्र संघ के 2026-27 सत्र के चुनाव परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। आठ साल के लंबे अंतराल के बाद विश्वविद्यालय में निर्वाचित छात्र संघ की वापसी हुई है। चुनाव में नोमान अशरफ अध्यक्ष, नशरा नईम उपाध्यक्ष और मोहम्मद हमदान मानद सचिव चुने गए हैं। खास बात यह है कि नशरा नईम AMU के 105 साल के इतिहास में छात्र संघ के प्रमुख पदों पर चुनी जाने वाली पहली महिला बन गई हैं।

अध्यक्ष पद के चुनाव में नोमान अशरफ ने 7,797 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी मोहम्मद इंतिखाब को 4,121 वोटों के बड़े अंतर से हराया। मोहम्मद इंतिखाब को कुल 3,676 वोट मिले।

वहीं, उपाध्यक्ष पद पर नशरा नईम ने 7,091 वोट हासिल किए। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी साकिब अली खान को 1,273 वोटों से हराया। साकिब अली खान को 5,818 वोट मिले। नशरा की जीत को विश्वविद्यालय के छात्र संघ चुनाव के इतिहास में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। इससे पहले महिलाएं छात्र संघ की कैबिनेट में चुनी जाती रही हैं, लेकिन अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और मानद सचिव जैसे प्रमुख पदों पर किसी महिला को जीत नहीं मिली थी।

मानद सचिव पद पर मोहम्मद हमदान ने 8,385 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 1,503 वोटों के अंतर से हराया। इसके अलावा नवनिर्वाचित कैबिनेट और कोर्ट सदस्य भी विश्वविद्यालय के नए छात्र नेतृत्व का हिस्सा होंगे।

कौन हैं नशरा नईम?

नशरा नईम अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में बीए एलएलबी की छात्रा हैं। वह छात्र राजनीति में सक्रिय हैं और फ्रेटरनिटी मूवमेंट की राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति की सदस्य भी हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह उत्तर प्रदेश के गोरखपुर की रहने वाली हैं।

5 नवंबर को हुए छात्र संघ चुनाव में उन्होंने उपाध्यक्ष पद के लिए अपनी दावेदारी पेश की थी। अपने चुनावी घोषणापत्र में नशरा ने छात्र शिकायतों के समाधान, छात्राओं की सुरक्षा, छात्रवृत्ति, प्लेसमेंट और विश्वविद्यालय में बेहतर सुविधाओं जैसे मुद्दों को शामिल किया था। उनका घोषणापत्र 14 बिंदुओं पर आधारित था।

जीत के बाद नशरा नईम ने कहा कि सीमित संसाधनों और छोटी टीम के साथ इतने कम समय में यह उपलब्धि हासिल करना उन लोगों के समर्पण, साहस और ईमानदारी की वजह से संभव हुआ, जिन्होंने उनके साथ मिलकर काम किया।

उन्होंने छात्र संघ के नेतृत्व को नए सिरे से परिभाषित करने की जरूरत पर भी जोर दिया। नशरा के मुताबिक, पिछले आठ वर्षों में विश्वविद्यालय में कई समस्याएं सामने आई हैं। इससे पहले जब छात्र संघ सक्रिय था, तब भी कई चुनौतियों की जानकारी मिलती रही थी।

कौन हैं नोमान अशरफ?

नोमान अशरफ अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग में पीएचडी शोधार्थी हैं। उन्होंने छात्र संघ के अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ा और अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी मोहम्मद इंतिखाब को 4,121 वोटों के अंतर से हराया।

नोमान ने अपना चुनावी घोषणापत्र ‘A Stronger Voice for a Better Campus’ शीर्षक से जारी किया था। 21 पन्नों के इस घोषणापत्र को नौ अलग-अलग हिस्सों में बांटा गया था। इसमें छात्र सुविधाओं, रिसर्च फेलोशिप, महिला सुरक्षा, प्लेसमेंट और अलीगढ़ से बाहर स्थित AMU के केंद्रों से जुड़े मुद्दों को शामिल किया गया था।

आठ साल बाद छात्र संघ की वापसी

AMU में आठ साल के अंतराल के बाद छात्र संघ के चुनाव होना विश्वविद्यालय की छात्र राजनीति के लिहाज से एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। नए निर्वाचित पदाधिकारियों के सामने छात्र शिकायतों का समाधान, छात्रावासों और शैक्षणिक सुविधाओं में सुधार, छात्रवृत्ति, प्लेसमेंट और छात्राओं की सुरक्षा जैसे मुद्दे प्रमुख चुनौती होंगे।

समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, नवनिर्वाचित अध्यक्ष नोमान अशरफ ने चुनाव परिणामों के बाद खुशी जाहिर करते हुए कहा, “आठ साल के लंबे संघर्ष के बाद आखिरकार हमें यह अवसर मिला है। यह बहुत खुशी का पल है। आप यहां छात्रों के बीच उत्साह और उमंग देख सकते हैं।”

चुनाव परिणामों के साथ ही अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में आठ साल बाद निर्वाचित छात्र नेतृत्व की वापसी हुई है। अब देखना होगा कि नई छात्र संघ टीम अपने चुनावी वादों को किस तरह पूरा करती है और विश्वविद्यालय में छात्र हितों से जुड़े मुद्दों पर क्या कदम उठाती है।

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