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खराब सड़कों की वजह से गांव के बच्चों का भविष्य लगा दांव पर, कोई वाहन गांव के अंदर नहीं पहुंच पाता!

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इटावा: गांव बसाहारी के पास निवारी पंचायत के सुक्का टांडा गांव है जहां के लोग बारिश के इस मौसम में नारकीय जीवन जीने के लिए अब मजबूर हो चुके हैं। बता दें यहां की सड़कें बिल्कुल भी चलने लायक नहीं हैं। इस गांव की सड़कों पर भारी डंपर गुजर रहे हैं जिसके कारण सड़कों की हालत खाई जैसी हो गई है। सड़क के बीच गहरे गहरे गढ्ढे हो गए हैं बता दें कि बसाहरी-देवल मार्ग से सुक्का टांडा तक एक किमी लंबी सड़क है लेकिन ये सड़क केवल नाम के लिए ही है और क्योंकि यहां पैदल चलना भी मुश्किल है।

बता दें कि गांव के पास ही एक मुरम खदान का पट्टा है। जिसके होने की वजह से काफी वजन के डंपर दिनों रात गुजर रहे हैं। जिसकी वजह से दलदल बनी हुई है। और इसका असर पक्की बनी पास की सड़कों पर भी पड़ रहा है गांव के ही एक शख्स ने बताया कि बारिश के समय स्कूल की लेने आने वाली गाड़ी अब नहीं आ पाती है। जिसके कारण बच्चे स्कूल नही पहुंच पाते हैं और जिसके चलते मजदूरी करके बच्चों को गांव के निजी स्कूल में पढ़ाया जा रहा है। ऐसे में खराब सड़कों की वजह से बच्चों का भविष्य बर्बाद हो रहा है गांव के एक और शख्स ने बताया कि गांव की सड़कों का निर्माण कुछ दिन पहले पंचायत द्वारा किया गया था लेकिन ठीक से सड़कें नहीं बनी हैं।

गांव के एक और शख्स ने बताया कि अगर कोई हमारे गांव में बीमार पड़ जाता है तो कोई एंबुलेंस वे अन्य और कोई भी वाहन हमारे गांव तक नहीं पहुंच पाते हैं। ऐसी स्थिति में बीमार पड़े शख्स को चारपाई पर डालकर पक्की सड़क पर ले जाया जाता है ऐसे में यहां पर मोटरसाइकिल भी निकालना असंभव है अब पक्की सड़क बनवाने का प्रस्ताव मुरम के बसाहारी पंचायत में दिया है।

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