अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) ने नगर निगम द्वारा राइडिंग फील्ड की जमीन पर कब्जे की कार्रवाई को अवैध बताते हुए कहा है कि उक्त भूमि विश्वविद्यालय की विधिसम्मत स्वामित्व वाली संपत्ति है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने नगर निगम से तत्काल कार्रवाई रोकने और लंबित मामले के न्यायोचित एवं विधिसम्मत निस्तारण तक यथास्थिति बनाए रखने की मांग की है।
AMU के जनसंपर्क कार्यालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि संबंधित भूमि के सभी दस्तावेज, अभिलेखीय और विधिक साक्ष्य विश्वविद्यालय के पास मौजूद हैं। विश्वविद्यालय के मुताबिक, 13 जून 1925 से यह भूमि आर्मी अधिग्रहण अधिनियम, 1894 के तहत विश्वविद्यालय के अधिकाराधीन है। इसके अलावा 19 नवंबर 1925 को तत्कालीन संयुक्त प्रांत (उत्तर प्रदेश का पुराना नाम) के गवर्नर ने यह भूमि मुस्लिम विश्वविद्यालय के लिए अधिग्रहित की थी। विश्वविद्यालय का कहना है कि इस तरह यह भूमि वर्ष 1925 से उसके स्वामित्वाधीन है।
विश्वविद्यालय ने कहा कि नगर निगम द्वारा यह दावा किया जा रहा है कि उक्त भूमि को कब्जामुक्त कराया गया है, जबकि AMU के अनुसार वास्तविकता यह है कि विश्वविद्यालय की संपत्ति पर नगर निगम द्वारा अवैध दावा किया जा रहा है।

प्रेस विज्ञप्ति में यह भी आरोप लगाया गया कि वर्ष 1992 में विश्वविद्यालय के राजस्व अभिलेखों में गुप्त तरीके से हेरफेर की गई थी। विश्वविद्यालय का कहना है कि यह कार्रवाई किसी सक्षम अधिकारी के आदेश या अनुमोदन के बिना की गई थी और इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर नगर निगम द्वारा कार्रवाई की जा रही है।
AMU के मुताबिक, वर्ष 2003 में इस हेराफेरी की जानकारी सामने आने के बाद विश्वविद्यालय ने रिकॉर्ड दुरुस्त कराने के लिए लगातार प्रयास किए। विश्वविद्यालय ने अपने राजस्व अभिलेख में अपने नाम को पुनः दर्ज कराने के लिए 29 मार्च 2025 को सक्षम स्तर पर विधिवत दावा प्रस्तुत किया था, जो वर्तमान में एसडीएम कोल के समक्ष विचाराधीन है।
विश्वविद्यालय ने आरोप लगाया कि इसके बावजूद एसडीएम कोल की मौजूदगी में नगर निगम ने बिना किसी वैधानिक आधार के जल्दबाजी में विश्वविद्यालय की भूमि पर कब्जा करने का प्रयास किया, जिसे AMU ने पूरी तरह अवैध बताया है।
प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि 3 जनवरी 2022 को पैमाइश के बाद 6 जनवरी 2022 को तहसीलदार कोल द्वारा राजस्व एवं लेखपाल की संयुक्त रिपोर्ट में इस भूमि को अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के घुड़सवार फील्ड के नाम से दर्ज किया गया था।
नगर निगम की कार्रवाई को लेकर AMU के शिक्षकों, कर्मचारियों, छात्रों और पूर्व छात्रों में भी रोष बताया गया है। विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. नईमा खातून ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विश्वविद्यालय की संपत्ति और अभिलेखों की सुरक्षा के लिए हर संभव वैधानिक कदम उठाने की बात कही है।
मामले की जानकारी मिलने पर यूनिवर्सिटी प्रॉक्टर प्रो. एम. नवेद खान, एमएमसीए प्रॉक्टर प्रो. मोहम्मद आसिफ और प्रॉपर्टी ऑफिसर मोहम्मद आरिफ अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और नगर निगम की कार्रवाई का विरोध दर्ज कराया। AMU के अध्यक्ष प्रो. नुफेल अहमद और सचिव डॉ. अशरफ मतीन ने भी विश्वविद्यालय पदाधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचकर नगर आयुक्त और एसडीएम से मुलाकात की तथा विश्वविद्यालय का पक्ष रखा।












