उज्जैन: मध्य प्रदेश के उज्जैन में एक होटल के खाद्य-कचरा चैंबर की सफाई के दौरान चार कर्मचारियों की मौत हो गई। घटना 31 अक्टूबर की रात की बताई गई है। चैंबर में उतरे कर्मचारियों की मौत के बाद उन्हें बचाने के लिए अंदर गए दो अन्य लोग भी बीमार पड़ गए।
द हिंदू की 5 नवंबर की रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना उज्जैन-देवास रोड स्थित श्री गंगा होटल में हुई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, कर्मचारी होटल के वेस्ट चैंबर की सफाई के लिए अंदर गए थे। पुलिस ने दम घुटने की आशंका जताई और जिला प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दिए।
यह घटना ऐसे समय हुई है जब सीवर, सेप्टिक टैंक और अन्य खतरनाक चैंबरों की सफाई के दौरान कर्मचारियों की मौत का सिलसिला जारी है। संसद और राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के आंकड़ों के हवाले से प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, 2014 से 2025 के बीच सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई से जुड़े कामों में 859 कर्मचारियों की मौत दर्ज की गई।
कानून में खतरनाक तरीके से सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई पर रोक और सुरक्षा उपायों के प्रावधान हैं। सुप्रीम कोर्ट भी इस तरह की मौतों को रोकने और प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने के निर्देश दे चुका है। इसके बावजूद कर्मचारियों को कई जगह बिना पर्याप्त सुरक्षा उपकरणों और व्यवस्था के खतरनाक चैंबरों में उतरना पड़ता है।
सफाई कर्मचारी आंदोलन जैसे संगठनों ने आधिकारिक आंकड़ों में ऐसी मौतों की कम रिपोर्टिंग होने की आशंका भी जताई है। उज्जैन की घटना ने एक बार फिर सवाल खड़ा किया है कि मशीनों से सफाई और सुरक्षा नियमों के पालन के दावों के बावजूद कर्मचारियों की जान जोखिम में क्यों पड़ रही है।











