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SIR में छूटे मतदाताओं को एक और मौका, 7 राज्यों में दोबारा जारी होंगी सूची

चुनाव आयोग ने दिल्ली समेत सात राज्यों के उन मतदाताओं को एक और मौका देने का निर्देश दिया है, जिनके गणना फॉर्म वापस नहीं मिले और नाम अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या दोहरी प्रविष्टि के रूप में ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सके।

नई दिल्ली: भारत निर्वाचन आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान ड्राफ्ट मतदाता सूची से बाहर रह गए कुछ मतदाताओं को नाम शामिल कराने का एक और मौका देने का निर्देश दिया है। यह व्यवस्था दिल्ली समेत सात राज्यों में लागू होगी। आयोग ने ऐसे मतदाताओं की सूचियां दोबारा प्रदर्शित करने और उनसे गणना प्रपत्र (Enumeration Form) जमा कराने की प्रक्रिया में मदद करने को कहा है।

आयोग के 6 नवंबर के निर्देश के मुताबिक, जिन मतदाताओं को गणना प्रपत्र जारी किए गए थे, लेकिन उनके फॉर्म वापस नहीं मिले और इस वजह से उनके नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सके, उन्हें दोबारा अवसर दिया जाएगा। इनमें अनुपस्थित (Absent), स्थानांतरित (Shifted), मृत (Dead) और दोहरी प्रविष्टि (Duplicate) के रूप में चिह्नित मतदाता शामिल हैं। इन श्रेणियों को संक्षेप में ASDD कहा जाता है।

इन सात राज्यों में लागू होगा निर्देश

निर्वाचन आयोग ने दिल्ली, महाराष्ट्र, हरियाणा, आंध्र प्रदेश, झारखंड, तेलंगाना और नगालैंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश दिए हैं। आयोग ने कहा है कि संबंधित मतदान केंद्रों के नोटिस बोर्ड पर ऐसे मतदाताओं की बूथवार सूची फिर से लगाई जाए। ये सूचियां पंचायत भवनों, शहरी स्थानीय निकाय कार्यालयों और संबंधित निर्वाचन अधिकारियों के कार्यालयों में भी उपलब्ध कराई जाएंगी। मुख्य निर्वाचन अधिकारियों की वेबसाइट पर भी इन्हें अपलोड किया जाएगा। सूची में नाम शामिल न होने के संभावित कारणों का उल्लेख भी किया जाएगा।

BLO घर जाकर और ऑनलाइन फॉर्म जमा कराने में करेंगे मदद

आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारियों और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को ECINET के माध्यम से दोबारा आंशिक रूप से भरे हुए गणना प्रपत्र उपलब्ध कराने को कहा है। बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) को संबंधित मतदाताओं से संपर्क कर फॉर्म पहुंचाने और उसे जमा कराने में सहायता करनी होगी। इसके लिए घर-घर संपर्क के अलावा उपलब्ध मोबाइल नंबरों पर WhatsApp, ईमेल या SMS के जरिए भी सूचना और फॉर्म भेजे जा सकते हैं।

मतदाता अपने पुराने EPIC नंबर का इस्तेमाल करके निर्वाचन आयोग की वेबसाइट या ECINET ऐप से भी गणना प्रपत्र डाउनलोड कर सकेंगे। आयोग ने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि कोई पात्र मतदाता अंतिम मतदाता सूची में शामिल होने के अवसर से वंचित न रहे। साथ ही, दोहरी प्रविष्टियों को रोकने के लिए निगरानी व्यवस्था बनाने का निर्देश भी दिया गया है।

दूसरे इलाके में रहने लगे मतदाताओं के लिए अलग व्यवस्था

जो मतदाता उसी राज्य के भीतर किसी दूसरी विधानसभा सीट पर चले गए हैं, उन्हें नए पते और विधानसभा क्षेत्र का विवरण देते हुए गणना प्रपत्र जमा करना होगा। इसके साथ पते का प्रमाण भी देना होगा। ऐसे मतदाताओं को इस प्रक्रिया के लिए Form 8 जमा करने की जरूरत नहीं होगी। वे अपने नए क्षेत्र के BLO या संबंधित निर्वाचन अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं।

बेघर मतदाताओं के मामले में, जिनके पास पते से जुड़ा दस्तावेज नहीं है, BLO की ओर से किया गया क्षेत्रीय सत्यापन निवास के प्रमाण के तौर पर स्वीकार किया जा सकेगा। जिन मतदाताओं ने पहले ही SIR के दौरान नाम शामिल कराने के लिए Form 6 जमा कर दिया है, उन्हें नया गणना प्रपत्र और बयान दोबारा जमा करने की जरूरत नहीं है।

प्राप्त फॉर्म और संबंधित घोषणाओं की जांच निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी करेंगे। सत्यापन के बाद स्वीकार किए गए आवेदनों को अंतिम मतदाता सूची में शामिल करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

तेलंगाना में 73.39 लाख मतदाता ASDD श्रेणी में, दोबारा मिलेगा मौका

तेलंगाना में SIR शुरू होने से पहले 3,38,26,448 मतदाता पंजीकृत थे। इनमें से 2,64,87,213 मतदाताओं के गणना प्रपत्र जमा हुए और उनके नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल किए गए। बाकी 73,39,235 मतदाताओं को अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और डुप्लिकेट (ASDD) श्रेणियों में रखा गया। द न्यू इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, इनमें 57,46,803 को अनुपस्थित या स्थानांतरित, 9,22,229 को मृत और 6,70,203 को डुप्लिकेट के रूप में दर्ज किया गया।

तेलंगाना के मुख्य निर्वाचन अधिकारी सी. सुदर्शन रेड्डी ने 7 नवंबर को ऐसे मतदाताओं से दोबारा मौका लेने और संबंधित निर्वाचन अधिकारियों से संपर्क करने की अपील की। तेलंगाना टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, CEO ने बताया कि ASDD श्रेणी के करीब छह लाख मतदाता पहले ही Form 6 जमा कर चुके हैं। आयोग के नए निर्देश के तहत BLO ऐसे मतदाताओं तक फिर पहुंचेंगे, उन्हें नए गणना प्रपत्र देंगे और फॉर्म जमा कराने में मदद करेंगे।

सियासत की 7 नवंबर की रिपोर्ट के अनुसार, 6 नवंबर तक SIR के दौरान जारी करीब 92.8 लाख नोटिसों में से लगभग 91 लाख मामलों को अंतिम मतदाता सूची में शामिल करने के लिए मंजूरी दी जा चुकी थी। करीब 1.3 लाख मामले लंबित थे और 54,418 मतदाताओं को शामिल किए जाने के लिए अयोग्य पाया गया था। ये आंकड़े नोटिस और सत्यापन प्रक्रिया से जुड़े हैं; इन्हें ASDD श्रेणी में रखे गए कुल 73.39 लाख मतदाताओं की संख्या से अलग समझना चाहिए।

तेलंगाना में दावे और आपत्तियों के निपटारे की समय-सीमा 26 नवंबर तक बढ़ाई गई है। संशोधित कार्यक्रम के मुताबिक, राज्य की अंतिम मतदाता सूची 30 नवंबर को प्रकाशित की जाएगी।

स्रोत: आकाशवाणी समाचार, द ट्रिब्यून, द न्यू इंडियन एक्सप्रेस, द न्यू इंडियन एक्सप्रेस (तेलंगाना), तेलंगाना टुडे और सियासत की रिपोर्टों के आधार पर।

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