त्रिपुरा में एक मुस्लिम पशु व्यापारी रहमान पर पशु चोरी का आरोप लगाकर भीड़ ने कथित रूप से पीट-पीटकर हत्या कर दी, जबकि उनके परिवार का दावा है कि उन्होंने स्थानीय किसान से कानूनी तौर पर पशु खरीदे थे।
यह घटना कल्याणपुर थाना क्षेत्र के बाबगर (बागबर) गांव में बुधवार, 2 सितंबर 2026 को सुबह करीब 4–4.45 बजे के बीच हुई। स्थानीय गवाहों के मुताबिक, 45–46 वर्षीय जलीलुर रहमान (जलिल रहमान/रहमान) घिलतली मार्केट के पास के निवासी थे और सुबह-सुबह दो पशुओं के साथ बगन बाजार के पशु मेले की ओर जा रहे थे, तभी कुछ लोगों ने उन्हें घेरकर बेरहमी से पीटा।
रहमान के परिवार ने पशु चोरी के आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि रहमान ने मंगलवार को ही स्थानीय किसान अनुकूल देबनाथ से दो पशु खरीदे थे, लेकिन साप्ताहिक बाजार के कारण उन्हें अगली सुबह ही ले जाने में देरी हुई। बुधवार तड़के 4–4.30 बजे के आसपास जब रहमान किसान के घर से पशु ले जा रहे थे, तभी कुछ निवासियों ने उन्हें देखा और “पशु तस्कर” कहकर हमला बोल दिया।
स्थानीय गवाह के अनुसार, हमले के बाद रहमान जख्मी होकर गिर पड़े; उन्होंने अपने परिवार को फोन कर सूचना दी, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो गई। कल्याणपुर पुलिस के अधिकारियों ने उन्हें कल्याणपुर अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने “लाते हुए मृत” (dead on arrival) घोषित कर दिया।
परिवार ने उनके मोटरसाइकिल के बारे में पूछताछ की, जो रहमान पशु लेने के लिए साथ ले गए थे। पुलिस को यह मोटरसाइकिल अनुकूल देबनाथ के घर से मिली, जिससे यह संदेह पैदा हुआ कि हमले के बाद वाहन किसने और क्यों वहां रखा।
कल्याणपुर थाने में इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने बताया कि वे सुओ मोटो (स्वतः संज्ञान) केस दर्ज करने पर विचार कर रहे थे, लेकिन परिवार द्वारा शिकायत देने की बात कही जाने के बाद औपचारिक शिकायत की प्रतीक्षा की गई; बाद में मामला दर्ज किया गया। रहमान के परिवार ने घटना की गहन जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
इस खबर की रिपोर्टिंग प्रमुख रूप से मकतूब मीडिया और अन्य समाचार पोर्टलों द्वारा की गई है; कई आउटलेट्स ने पुलिस बयान और स्थानीय गवाहों के हवाले से घटनाक्रम बताया है। पुलिस के अनुसार, रहमान के खिलाफ स्थानीय थाने में कोई पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था।











