नई दिल्ली: दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के शाहीन बाग इलाके में 16 वर्षीय घरेलू सहायिका को कथित उत्पीड़न के बाद बचाया गया है। लड़की ने आरोप लगाया है कि उससे रोजाना करीब 20 घंटे काम कराया जाता था और उसके साथ मारपीट की जाती थी।
द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, लड़की अबुल फजल एन्क्लेव-द्वितीय स्थित एक घर में काम करती थी। उसने अपने बयान में बताया कि उसे सुबह 6 बजे से अगले दिन रात 2 बजे तक घरेलू काम करना पड़ता था। उसने यह भी आरोप लगाया कि उसे गर्म इस्त्री से जलाया गया और कई बार खाना तथा पानी भी नहीं दिया गया।
बाल अधिकार संगठन बचपन बचाओ आंदोलन की शिकायत के बाद श्रम विभाग, दिल्ली पुलिस और संगठन के प्रतिनिधियों ने 3 और 4 नवंबर को बचाव अभियान चलाया। इसके बाद लड़की को वहां से निकाला गया। उसके शरीर पर चोट और जलने के निशान पाए जाने की बात भी रिपोर्ट में कही गई है।
मामले में किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम, 2015 और बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 के तहत मामला दर्ज किए जाने की जानकारी दी गई है। बाल कल्याण समिति के निर्देश पर लड़की को इलाज के लिए एम्स में भर्ती कराया गया।
लड़की की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच जारी है। नाबालिगों से घरेलू काम कराने और उनके साथ होने वाले शोषण के मामलों में श्रम तथा बाल संरक्षण कानूनों के प्रभावी पालन की जरूरत एक बार फिर सामने आई है।











