दिल्ली हाईकोर्ट ने उत्तरी दिल्ली के सब्जी मंडी इलाके में रोशनआरा रोड स्थित एक संपत्ति को गिराने की कार्रवाई पर 15 नवंबर 2026 तक रोक लगा दी है। अदालत ने नगर निगम दिल्ली (MCD) को इस अवधि तक तोड़फोड़ से परहेज करने का निर्देश दिया है, ताकि प्रभावित पक्ष सक्षम अदालत में जाकर उचित राहत मांग सकें।
जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद और जस्टिस रेनू भटनागर की खंडपीठ ने 6 नवंबर को यह आदेश सुनाया। मामला संपत्ति संख्या 7796, कटरा दीना नाथ, रोशनआरा रोड, सब्जी मंडी से जुड़ा है। अदालत के आदेश के मुताबिक, इस संपत्ति के संबंध में 22 अक्टूबर 2026 को ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया गया था।
मामले में अपीलकर्ताओं की ओर से कहा गया कि वे संपत्ति के उस हिस्से में रह रहे हैं जो जर्जर नहीं है। हालांकि, हाईकोर्ट ने टिप्पणी की कि यह तथ्यात्मक सवाल है, जिसका फैसला अपील या रिट याचिका में इस स्तर पर नहीं किया जा सकता। इसके बाद अपीलकर्ताओं के वकील ने अपील वापस लेने और सक्षम अदालत में सिविल मुकदमा दायर करने की अनुमति मांगी।
अदालत ने अपील वापस लेने की अनुमति देते हुए अपीलकर्ताओं को उचित कानूनी उपाय अपनाने की छूट दी। साथ ही, दिवाली के मद्देनजर अदालत तक पहुंचने में संभावित कठिनाई को देखते हुए MCD को 15 नवंबर तक संबंधित संपत्ति पर तोड़फोड़ की कार्रवाई रोकने को कहा।
यह स्पष्ट रहना जरूरी है कि हाईकोर्ट ने इस आदेश में ध्वस्तीकरण की वैधता या संपत्ति के निवासियों के दावों पर अंतिम फैसला नहीं दिया है। अदालत ने केवल सीमित अवधि के लिए कार्रवाई रोकते हुए प्रभावित पक्षों को सक्षम अदालत में जाने का अवसर दिया है।
यह आदेश दिल्ली हाईकोर्ट के 6 नवंबर 2026 के न्यायिक आदेश में दर्ज है। मामले में अपील संख्या LPA 918/2026, LPA 922/2026, LPA 923/2026 और LPA 925/2026 शामिल थीं।











